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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (CDP) शब्दावली

शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के प्रश्न अक्सर किसी एक अवधारणा की सही समझ परखते हैं। यहाँ हर शब्द की सीधी परिभाषा, उदाहरण और परीक्षा में पूछे जाने का तरीका दिया गया है, और हर पेज से उस विषय के MCQ तक पहुँचा जा सकता है।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 12(1)(ग) के अनुसार निजी गैर-सहायता प्राप्त विद्यालयों को प्रवेश स्तर की कम से कम 25 प्रतिशत...

अधिक जानकार व्यक्ति वह होता है जिसे किसी कार्य या विषय की समझ सीखने वाले से ज़्यादा हो। वाइगोत्स्की के अनुसार ऐसा व्यक्ति बच्चे को...

अभ्यास का नियम थॉर्नडाइक का नियम है कि किसी उद्दीपक-अनुक्रिया संबंध का बार-बार उपयोग उसे मज़बूत करता है (उपयोग का नियम), और लंबे स...

अवलोकनात्मक अधिगम में व्यक्ति दूसरों को कोई व्यवहार करते और उसका परिणाम पाते देखकर सीखता है, बिना स्वयं करे। यह अल्बर्ट बंडूरा के...

आंतरिक अभिप्रेरणा वह प्रेरणा है जो गतिविधि के स्वयं के आनंद, जिज्ञासा या सीखने की संतुष्टि से आती है, किसी बाहरी इनाम या दंड से नह...

आत्म-प्रभावकारिता किसी कार्य को सफलतापूर्वक कर पाने की अपनी क्षमता में विश्वास है। अल्बर्ट बंडूरा के अनुसार यह विश्वास तय करता है...

आत्मकेंद्रितता का अर्थ दूसरे के नज़रिये से चीज़ों को न देख पाना है। पियाजे के अनुसार पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (लगभग दो से सात वर्...

आत्मसातीकरण पियाजे की संकल्पना है जिसमें बालक नई जानकारी या अनुभव को अपनी मौजूदा समझ (स्कीमा) में बिना उसे बदले शामिल कर लेता है।...

आवश्यकता पदानुक्रम अब्राहम मास्लो का अभिप्रेरणा सिद्धांत है, जिसमें मानव आवश्यकताओं को पाँच स्तरों की सीढ़ी के रूप में रखा गया है।...

फ्रायड के अनुसार व्यक्तित्व के तीन भाग हैं: इड (मूल प्रवृत्तियाँ, सुख के सिद्धांत पर चलता है), अहं (यथार्थ के सिद्धांत पर चलता है)...

उत्क्रमणीयता किसी क्रिया या प्रक्रिया को मन में उलटकर सोच पाने की क्षमता है। पियाजे के अनुसार यह मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (लगभग स...

उत्तर-पारंपरिक नैतिकता कोहलबर्ग का सबसे ऊँचा स्तर है, जिसमें व्यक्ति नियमों को समाज के अनुबंध मानता है और ज़रूरत पड़ने पर अपने सार...

गॉर्डन ऑलपोर्ट के शीलगुण सिद्धांत के अनुसार व्यक्तित्व स्थायी गुणों (ट्रेट) से बना है और हर व्यक्ति के गुणों का संयोजन अनूठा होता...

औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था पियाजे की अंतिम अवस्था है, जो लगभग ग्यारह-बारह वर्ष से शुरू होती है। इसमें किशोर अमूर्त और काल्पनिक बा...

खोज द्वारा अधिगम वह शिक्षण-दृष्टि है जिसमें शिक्षक सीधे उत्तर बताने की जगह विद्यार्थी को स्वयं नियम, सिद्धांत या संबंध खोजने के अव...

डिस्कैल्कुलिया गणित से जुड़ी विशिष्ट अधिगम अक्षमता है, जिसमें बच्चे को संख्याओं की समझ, गिनती, अंकगणितीय तथ्य और गणना की प्रक्रिया...

डिस्लेक्सिया पढ़ने से जुड़ी एक विशिष्ट अधिगम अक्षमता है, जिसमें सामान्य या औसत से अधिक बुद्धि और पर्याप्त अवसर के बावजूद बच्चे को...

तत्परता का नियम थॉर्नडाइक का नियम है कि सीखना तभी सुखद और प्रभावी होता है जब सीखने वाला शारीरिक और मानसिक रूप से उसके लिए तैयार हो...

नकारात्मक पुनर्बलन में किसी अप्रिय स्थिति को हटाने से व्यवहार दोहराए जाने की संभावना बढ़ती है। यह दंड नहीं है, क्योंकि दंड व्यवहार...

निजी भाषा वह बातचीत है जो बच्चा खुद से, आवाज़ निकालकर करता है। वाइगोत्स्की के अनुसार यह अपनी सोच और क्रियाओं को नियंत्रित करने का...

निदानात्मक परीक्षण बच्चे की सीखने की कमज़ोरियों और उनके कारणों की पहचान करता है, और उपचारात्मक शिक्षण उसी पहचान के आधार पर उन कमिय...

ब्रूनर के अनुसार बच्चे ज्ञान को तीन रूपों में ग्रहण करते हैं: क्रियात्मक (करके), प्रतिबिंबात्मक (चित्र या छवि से) और सांकेतिक (भाष...

नो-डिटेंशन नीति के अनुसार शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 16 में प्रारंभिक शिक्षा पूरी होने तक किसी बच्चे को किसी कक्षा में...

पारंपरिक नैतिकता कोहलबर्ग का दूसरा स्तर है, जिसमें व्यक्ति समाज और परिवार की अपेक्षाओं तथा नियमों के अनुसार सही-ग़लत तय करता है। इ...

पूर्व-पारंपरिक नैतिकता कोहलबर्ग के नैतिक विकास का पहला स्तर है, जिसमें सही-ग़लत का फ़ैसला दंड से बचने या अपना लाभ पाने के आधार पर...

प्रभाव का नियम थॉर्नडाइक का नियम है कि जिस प्रतिक्रिया के बाद संतोषजनक परिणाम मिलता है, उसका उद्दीपक से संबंध मज़बूत होता है और वह...

प्रोजेक्ट विधि ऐसी शिक्षण विधि है जिसमें विद्यार्थी किसी उद्देश्यपूर्ण, वास्तविक जीवन से जुड़ी समस्या या कार्य को स्वयं योजना बनाक...

बहुबुद्धि हॉवर्ड गार्डनर का सिद्धांत है कि बुद्धि कोई एक सामान्य क्षमता नहीं, बल्कि कई स्वतंत्र क्षमताओं का समूह है। गार्डनर ने इस...

बाह्य अभिप्रेरणा वह प्रेरणा है जिसमें व्यक्ति कोई कार्य बाहरी इनाम पाने या दंड से बचने के लिए करता है, जैसे अंक, पुरस्कार, प्रशंसा...

बुद्धि लब्धि बुद्धि का एक संख्यात्मक माप है। परंपरागत सूत्र में मानसिक आयु को वास्तविक (कालानुक्रमिक) आयु से भाग देकर सौ से गुणा क...

मनोलैंगिक विकास फ्रायड का सिद्धांत है जिसमें बाल्यावस्था से किशोरावस्था तक पाँच अवस्थाएँ बताई गई हैं: मौखिक, गुदीय, लैंगिक अंग (फै...

मनोसामाजिक विकास एरिक एरिक्सन का सिद्धांत है, जिसमें जीवन को आठ अवस्थाओं में बाँटा गया है। हर अवस्था में एक मनोसामाजिक संकट होता ह...

योगात्मक मूल्यांकन किसी इकाई, सत्र या पाठ्यक्रम के अंत में किया जाने वाला मूल्यांकन है जो बताता है कि बच्चे ने कुल मिलाकर कितना सी...

रचनात्मक मूल्यांकन वह मूल्यांकन है जो पढ़ाई के दौरान लगातार होता है ताकि बच्चे की प्रगति पता चले और तुरंत सुधार किया जा सके। इसे स...

रचनावाद वह दृष्टिकोण है जिसके अनुसार ज्ञान शिक्षक से तैयार रूप में बच्चे के दिमाग़ में नहीं उतरता, बल्कि बच्चा अपने अनुभवों, पूर्व...

वंशानुक्रम बनाम वातावरण वह बहस है कि बालक का विकास जन्मजात (जीन) कारकों से अधिक तय होता है या परवरिश और परिवेश से। आज के मनोवैज्ञा...

वस्तु-स्थायित्व यह समझ है कि कोई चीज़ आँखों से ओझल होने पर भी मौजूद रहती है। पियाजे के अनुसार यह संवेदी-गामक अवस्था की सबसे बड़ी उ...

विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) वह समिति है जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 21 के अनुसार हर सरकारी और सहायता प्राप्त विद्याल...

विलोपन वह प्रक्रिया है जिसमें अनुबंधित उद्दीपक बार-बार अनअनुबंधित उद्दीपक के बिना आने पर अनुबंधित अनुक्रिया कमज़ोर होते-होते लुप्त...

विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (CWSN) वे हैं जिन्हें शारीरिक, संवेदी, बौद्धिक, सीखने या व्यवहार संबंधी कारणों से सामान्य कक्षा में पढ़न...

विस्मरण वक्र हरमन एबिंगहॉस का वह निष्कर्ष है कि सीखी हुई सामग्री को दोहराया न जाए तो शुरुआती घंटों और दिनों में बहुत तेज़ी से भूला...

व्यक्तित्व के पाँच कारक वह मॉडल है जो मानता है कि व्यक्तित्व को मुख्यतः पाँच विस्तृत गुणों से समझा जा सकता है: अनुभव के प्रति खुला...

व्यवहार को आकार देना (शेपिंग) स्किनर की वह तकनीक है जिसमें लक्ष्य व्यवहार तक पहुँचने वाले छोटे-छोटे चरणों को क्रम से पुनर्बलित किय...

सकारात्मक पुनर्बलन में किसी व्यवहार के बाद कोई सुखद चीज़ दी जाती है, जिससे वह व्यवहार दोहराए जाने की संभावना बढ़ती है। यह बी.एफ. स...

सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) ऐसी व्यवस्था है जिसमें बच्चे का मूल्यांकन पूरे सत्र में लगातार (सतत) और उसके शैक्षिक तथा सह-शैक्षिक...

संतुलनीकरण पियाजे की वह संकल्पना है जिसमें बालक आत्मसातीकरण और समायोजन के बीच संतुलन बनाता है। नया अनुभव पुरानी समझ से न मिले तो अ...

समायोजन पियाजे की संकल्पना है जिसमें नया अनुभव मौजूदा स्कीमा से मेल न खाने पर बालक अपने स्कीमा को बदलता है या नया स्कीमा बनाता है।...

समावेशी शिक्षा वह व्यवस्था है जिसमें सभी बच्चे, चाहे उनकी क्षमता, भाषा, जाति, लिंग या विकलांगता कुछ भी हो, एक ही नियमित कक्षा में...

समीपस्थ विकास का क्षेत्र (ZPD) वाइगोत्स्की की संकल्पना है। यह उस दूरी को दर्शाता है जो बालक अकेले अपने बल पर जो कर सकता है और किसी...

संरक्षण का अर्थ है यह समझ कि किसी वस्तु का आकार, रूप या स्थान बदलने पर भी उसकी मात्रा, संख्या या वज़न वही रहता है। पियाजे के अनुसा...

सर्पिल पाठ्यक्रम में किसी विषय के मूल विचार कक्षा दर कक्षा बार-बार लौटते हैं, हर बार थोड़ी ज़्यादा गहराई और जटिलता के साथ। यह अवधा...

संवेगात्मक बुद्धि अपने और दूसरों के संवेगों को पहचानने, समझने और उन्हें सही ढंग से संभालने की क्षमता है। यह शब्द सेलोवे और मेयर ने...

संवेदी-गामक अवस्था पियाजे के संज्ञानात्मक विकास की पहली अवस्था है, जो जन्म से लगभग दो वर्ष तक चलती है। शिशु इंद्रियों और शारीरिक क...

स्कीमा सोचने, समझने और व्यवहार करने का एक संगठित ढाँचा है, जिसे बालक अनुभवों से बनाता है। पियाजे के अनुसार नई जानकारी या तो इसी ढा...

स्कैफोल्डिंग वह शिक्षण-तकनीक है जिसमें शिक्षक या सक्षम व्यक्ति बालक को नया कौशल सीखते समय अस्थायी सहायता देता है और बालक की दक्षता...

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