बहुबुद्धि (Multiple Intelligences) क्या है?
बहुबुद्धि हॉवर्ड गार्डनर का सिद्धांत है कि बुद्धि कोई एक सामान्य क्षमता नहीं, बल्कि कई स्वतंत्र क्षमताओं का समूह है। गार्डनर ने इसे 1983 में फ्रेम्स ऑफ माइंड में प्रस्तुत किया और शुरू में सात प्रकार बताए।
बहुबुद्धि: विस्तृत व्याख्या
बहुबुद्धि को समझें
सात मूल प्रकार हैं: भाषागत, तार्किक-गणितीय, स्थानिक, संगीतात्मक, शारीरिक-गतिक, अंतर्वैयक्तिक और अंतःवैयक्तिक। बाद में प्रकृतिवादी बुद्धि भी जोड़ी गई, और अस्तित्ववादी बुद्धि पर विचार किया गया। शिक्षा के लिए इसका संदेश है कि हर बच्चे की ताकत अलग हो सकती है, इसलिए शिक्षण विधियाँ भी विविध होनी चाहिए।
याद रखने योग्य बिंदु
- सात मूल प्रकार, बाद में प्रकृतिवादी भी
- बुद्धि एक नहीं, अनेक स्वतंत्र क्षमताएँ
- कक्षा में विविध गतिविधियों का आधार
उदाहरण
किसी कक्षा में एक छात्र कहानी सुनाने में आगे है, दूसरा नक्शे और चित्र बनाने में, तीसरा लय पकड़ने में। गार्डनर के अनुसार तीनों की बुद्धि अलग क्षेत्र में प्रबल है।
परीक्षा में कैसे पूछा जाता है
सात (या आठ) प्रकारों के नाम और उदाहरण पूछे जाते हैं, जैसे नाविक या मूर्तिकार किस बुद्धि के प्रतीक हैं। सिद्धांत गार्डनर का और पुस्तक फ्रेम्स ऑफ माइंड (1983) याद रखें।
बहुबुद्धि पर अभ्यास प्रश्न (MCQ)
- हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत…
- बुद्धि की संरचना और उसके स्वरूप को समझने के लिए जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि की…
- हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत…
- हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत…
- बुद्धि का 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) किसने दिया?
- हवर्ड गार्डनर का 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' किस पर बल देता है?
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संबंधित अवधारणाएँ
- हॉवर्ड गार्डनर, Frames of Mind (1983)
- NCERT, मनोविज्ञान की पाठ्यपुस्तकें