संवेदी-गामक अवस्था (Sensorimotor Stage) क्या है?
संवेदी-गामक अवस्था पियाजे के संज्ञानात्मक विकास की पहली अवस्था है, जो जन्म से लगभग दो वर्ष तक चलती है। शिशु इंद्रियों और शारीरिक क्रियाओं के सहारे दुनिया को समझता है, और अंत तक वस्तु-स्थायित्व तथा सरल प्रतीकात्मक सोच विकसित कर लेता है।
संवेदी-गामक अवस्था: विस्तृत व्याख्या
संवेदी-गामक अवस्था को समझें
इस अवस्था में सोच भाषा से नहीं, क्रिया से चलती है। शिशु हर चीज़ को पकड़ता, मुँह में डालता, गिराता और देखता है। पियाजे ने इसे छह उप-चरणों में बाँटा, जिनमें प्रतिवर्त क्रियाओं से शुरू होकर चक्रीय क्रियाओं और फिर जानबूझकर प्रयोग करने तक का विकास आता है।
याद रखने योग्य बिंदु
- अवस्थाओं का क्रम: संवेदी-गामक, पूर्व-संक्रियात्मक, मूर्त संक्रियात्मक, औपचारिक संक्रियात्मक
- वस्तु-स्थायित्व सबसे प्रमुख उपलब्धि
- लक्ष्य के लिए जानबूझकर क्रिया करना भी इसी अवस्था में आता है
उदाहरण
आठ माह का शिशु खड़खड़ा हिलाने पर आवाज़ सुनकर उसे बार-बार हिलाता है, यानी अपनी क्रिया और परिणाम का संबंध खोज रहा है।
परीक्षा में कैसे पूछा जाता है
जन्म से दो वर्ष, इंद्रियाँ और क्रियाएँ, वस्तु-स्थायित्व, ये तीनों संकेत मिलें तो संवेदी-गामक अवस्था। चारों अवस्थाओं की आयु-सीमाएँ क्रम से याद रखें।
संवेदी-गामक अवस्था पर अभ्यास प्रश्न (MCQ)
- विकासात्मक/संज्ञानात्मक सिद्धांत के प्रतिपादक कौन हैं?
- जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) और 'संरक्षण'…
- जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत…
- जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत…
- जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage)…
- पियाजे के अनुसार, 'केन्द्रीकरण' (Centration) की प्रवृत्ति किस अवस्था की मुख्य सीमा है?
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संबंधित अवधारणाएँ
संदर्भ
- जीन पियाजे, The Origins of Intelligence in Children (अंग्रेज़ी अनुवाद 1952)
- NCERT, मनोविज्ञान की पाठ्यपुस्तकें