एरिक्सन (Erikson) - बाल विकास सिद्धांत एवं MCQs
इस पेज पर एरिक्सन से जुड़े 35+ हल किए गए MCQ उपलब्ध हैं। बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (CDP) में यह विषय CTET, UPTET और BPSC TRE जैसी शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में बार-बार पूछा जाता है। हर प्रश्न के साथ मुख्य संकल्पना, परीक्षा उपयोगी बिंदु, सैद्धांतिक संदर्भ और कक्षा-शिक्षण में उपयोग की विस्तृत व्याख्या दी गई है। नीचे दिए प्रश्नों का अभ्यास करें, हर उत्तर के पीछे का सिद्धांत दोहराएँ और संबंधित टॉपिक लिंक से इस अध्याय की पूरी समझ बनाएँ।
इरेक एरिक्सन के अनुसार, मनोसामाजिक विकास की कितनी अवस्थाएं हैं?
सही उत्तर: विकल्प C (8 अवस्थाएँ) 1. प्रस्तावना: एरिक एरिक्सन का मनोसामाजिक विकास सिद्धांत (Theory of Psychosocial Development) जर्मन-अमेरिकी विकासात्मक मनोवैज्ञानिक…
मनोसामाजिक विकास का सिद्धांत (Psychosocial Development) किसने दिया?
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत: मनोसामाजिक विकास का सिद्धांत (Theory of Psychosocial Development) प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक एरिक एरिक्सन (Erik Erikson) द्वारा प्रतिपादित किया…
विकास के सामाजिक प्रवर्तक कौन माने जाते हैं?
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत: विकास के सामाजिक प्रवर्तक के रूप में मनोवैज्ञानिक 'एरिक एरिक्सन' (Erik Erikson) को माना जाता है।
जीवन के प्रारंभिक चरणों में, यदि शिशु को प्राथमिक देखभालकर्ता द्वारा देखभाल की निरंतरता नहीं दी जाती है तो इससे क्या होगा?
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत: एरिक्सन के मनोसामाजिक विकास के सिद्धांत (Psychosocial Development Theory) के अनुसार, जीवन का पहला चरण 'विश्वास बनाम अविश्वास' (Trust vs.
एरिक्सन के सिद्धांत के अनुसार, बच्चा कपड़े पहनने, खिलौनों से खेलने जैसे कौशल को रोकता है। इस अवस्था में बच्चा किस मनोसामाजिक संकट से गुजरता है?
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत: एरिक्सन के मनोसामाजिक विकास के सिद्धांत (Psychosocial Development Theory) के अनुसार, जीवन की दूसरी अवस्था 'स्वायत्तता बनाम शर्म और संदेह'…