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संज्ञानात्मक विकास
Asked 2 महीने पहले · Viewed 3,810 times
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रॉबर्ट गैने (Robert Gagné) के 'अधिगम के सोपानिकी सिद्धांत' (Conditions of Learning / Hierarchy of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'समस्या-समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)—जिसे उस सर्वोच्च और अंतिम संज्ञानात्मक सोपान के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी को किसी नवीन, जटिल और अनसुलझी परिस्थिति का सामना करने पर अपने पूर्व-अर्जित विभिन्न नियमों, सिद्धांतों और संप्रत्ययों का रचनात्मक, तार्किक और विश्लेषणात्मक ढंग से संयोजन करके एक नया मार्ग या उच्च-स्तरीय समाधान खोजना पड़ता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक विकास, स्वतंत्र अन्वेषण और तार्किक विवेक के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

विस्तृत व्याख्या एवं समाधान

रॉबर्ट गैने (Robert Gagné) ने अपनी पुस्तक 'द कंडीशंस ऑफ लर्निंग' में अधिगम के आठ प्रकारों की एक सोपानिकी (Hierarchy of Learning) प्रस्तुत की है, जो सरल से जटिल की ओर बढ़ती है। इस सोपानिकी का सर्वोच्च और आठवां स्तर 'समस्या-समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning) है। इसके अंतर्गत शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित विभिन्न नियमों (Rules) और सिद्धांतों को किसी नवीन और जटिल परिस्थिति में संयोजित (Synthesize) करके एक उच्च-स्तरीय समाधान प्राप्त करता है। यह प्रक्रिया केवल यांत्रिक प्रयास नहीं बल्कि उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक पुनर्गठन और चिंतन की मांग करती है। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य कथन है।
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