अधिगम के स्थानांतरण (Transfer of Learning) के संदर्भ में, एडवर्ड एल. थार्नडाइक का 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements), चार्ल्स हस बर्ड जूड (C.H. Judd) का 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' (Theory of Generalization), और गेस्टाल्ट मनोवैज्ञानिकों का 'रूपान्तरण या सूझ का सिद्धांत' (Theory of Transposition) आपस में किस प्रकार भिन्न और परस्पर पूरक दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं?
विस्तृत व्याख्या एवं समाधान
अधिगम का स्थानांतरण (Transfer of Learning) शिक्षा मनोविज्ञान का एक केंद्रीय विषय है। एडवर्ड एल. थार्नडाइक ने 'समान तत्वों के सिद्धांत' के तहत यह स्पष्ट किया कि एक परिस्थिति का अधिगम दूसरी परिस्थिति में तभी सहायक होता है जब दोनों परिस्थितियों में समान तत्व (Identical Elements) या आदतें मौजूद हों। इसके विपरीत, सी.एच. जूड (C.H. Judd) ने अपने 'सामान्यीकरण के सिद्धांत' (Theory of Generalization) के अंतर्गत यह सिद्ध किया कि व्यक्ति अपने सीखे गए अनुभवों के आधार पर नियमों या सामान्य सिद्धांतों का निर्माण करता है, जिन्हें वह नई परिस्थितियों में लागू करता है (जैसे पानी के अपवर्तन के नियम का विभिन्न माध्यमों में प्रयोग)। वहीं, गेस्टाल्ट मनोवैज्ञानिकों ने 'रूपान्तरण या सूझ के सिद्धांत' (Transposition Theory) पर बल दिया, जिसके अनुसार किसी समस्या का समाधान या स्थानांतरण किसी परिस्थिति विशेष के समग्र ढांचे (Gestalt) और उसमें निहित संबंधों की 'सूझ' पर निर्भर करता है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।