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संज्ञानात्मक विकास
Asked 3 महीने पहले · Viewed 2,513 times
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रॉबर्ट गैग्नी (Robert Gagne) के 'अधिगम के पदानुक्रम सिद्धांत' (Conditions of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)—जिसे उस सर्वोच्च और अत्यंत जटिल मानसिक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसमें शिक्षार्थी पहले से सीखे गए विभिन्न नियमों, सिद्धांतों और कौशलों (Rule Learning) को संयोजित कर एक नई और अनूठी स्थिति में किसी जटिल अवरोध को दूर करने के लिए आंतरिक वैचारिक चिंतन और संज्ञानात्मक रणनीतियों का प्रयोग करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक विकास, तार्किक स्वायत्तता और सृजनात्मकता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

विस्तृत व्याख्या एवं समाधान

रॉबर्ट गैग्नी (Robert Gagne) ने अपने 'अधिगम के पदानुक्रम' (Conditions of Learning) सिद्धांत में अधिगम को आठ क्रमिक स्तरों में विभाजित किया है, जो संकेत अधिगम से शुरू होकर सबसे जटिल और सर्वोच्च स्तर यानी 'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning) पर समाप्त होता है। समस्या समाधान अधिगम में शिक्षार्थी केवल याद किए गए नियमों को दोहराता नहीं है, बल्कि अपने संज्ञानात्मक ढांचे में पहले से मौजूद विभिन्न नियमों और सिद्धांतों का उपयोग करके एक नई व जटिल परिस्थिति में तार्किक रूप से समाधान खोजता है। यह उच्च-स्तरीय चिंतन, संज्ञानात्मक लचीलेपन और सृजनात्मकता को बढ़ावा देता है।
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