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संज्ञानात्मक विकास
Asked 3 महीने पहले · Viewed 4,694 times
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डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अग्रगामी संगठक' (Advance Organizer)—जिसे उस प्रारंभिक शैक्षणिक सामग्री या वैचारिक ढांचे के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसे मुख्य शिक्षण विषय से ठीक पहले विद्यार्थियों के सामने प्रस्तुत किया जाता है ताकि वे अपने संज्ञानात्मक ढांचे (Cognitive Structure) में पहले से मौजूद प्रासंगिक विचारों (Anchoring Ideas) के साथ नए ज्ञान को तार्किक रूप से जोड़ सकें—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा विकास, नए ज्ञान के समावेश और सार्थक अधिगम (Meaningful Learning) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

विस्तृत व्याख्या एवं समाधान

डेविड औसुबेल के सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत में 'अग्रगामी संगठक' (Advance Organizer) का केंद्रीय महत्व है। यह एक ऐसा शैक्षणिक उपकरण है जिसे मुख्य पाठ शुरू होने से पहले उच्च स्तर की भव्यता, सामान्यता और समावेशिता के साथ प्रस्तुत किया जाता है। इसका मुख्य मनोवैज्ञानिक कार्य शिक्षार्थी के मस्तिष्क में पहले से मौजूद प्रासंगिक विचारों (Anchoring Ideas) को सक्रिय करना और उन्हें नए ज्ञान से जोड़ना है, जिसे 'संज्ञानात्मक समावेशन' (Cognitive Subsumption) कहा जाता है। यह रटन अधिगम (Rote Learning) के विपरीत 'सार्थक अधिगम' को बढ़ावा देता है। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य कथन है।
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