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बाल-केंद्रित एवं सक्रिय शिक्षण
Asked 3 महीने पहले · Viewed 2,081 times
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जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Progressive Education and Experiential Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय शैक्षणिक अवधारणा—'करके सीखना' (Learning by Doing / Reflective Thinking)—जिसे उस सक्रिय और समस्या-समाधान आधारित मानसिक व शारीरिक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ शिक्षार्थी वास्तविक जीवन की परिस्थितियों, व्यावहारिक अनुभवों और वैज्ञानिक अन्वेषण के माध्यम से ज्ञान का सक्रिय निर्माण करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन, प्रायोगिक समझ और प्रजातांत्रिक मूल्यों के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

विस्तृत व्याख्या एवं समाधान

जॉन डीवी के प्रगतिशील शिक्षा और 'करके सीखने' (Learning by Doing) के सिद्धांत के अनुसार, शिक्षा केवल भविष्य के लिए तैयारी नहीं बल्कि जीवन जीने की प्रक्रिया है। यह दृष्टिकोण विद्यार्थियों को निष्क्रिय श्रोता के बजाय सक्रिय अन्वेषक बनाता है, जहाँ वे प्रायोगिक कार्यों और परावर्तक चिंतन (Reflective Thinking) के माध्यम से अपने ज्ञान का निर्माण करते हैं। अतः विकल्प (c) मनोवैज्ञानिक रूप से सबसे अधिक प्रामाणिक और मान्य है।
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