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बुद्धि: अवधारणा एवं सिद्धांत
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चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) के 'बुद्धि के द्वि-कारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के अंतर्गत प्रतिपादित सामान्य कारक (G-Factor) तथा विशिष्ट कारक (S-Factor) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमताओं के समेकन, अंतर-विषयक कौशल हस्तांतरण (Cross-disciplinary Skill Transfer), और संज्ञानात्मक दक्षता के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

विस्तृत व्याख्या एवं समाधान

चार्ल्स स्पीयरमैन के द्वि-कारक सिद्धांत (1904) के अनुसार, मानव बुद्धि दो घटकों से मिलकर बनी है: सामान्य कारक (General Factor या G-factor) और विशिष्ट कारक (Specific Factor या S-factor)। G-factor एक सार्वभौमिक, जन्मजात और स्थिर मानसिक ऊर्जा है जो व्यक्ति के सभी मानसिक कार्यों को प्रभावित करती है, जबकि S-factor विशिष्ट क्षेत्रों (जैसे संगीत, गणित, कला आदि) से संबंधित होता है जिसे पर्यावरण, प्रशिक्षण और शिक्षा के माध्यम से विकसित किया जा सकता है। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में शिक्षक को विद्यार्थियों की सामान्य बौद्धिक क्षमता (G) का सम्मान करते हुए उनकी विशिष्ट क्षमताओं (S) को निखारने के अवसर प्रदान करने चाहिए।
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