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क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)
Asked 3 महीने पहले · Viewed 3,343 times
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'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत (Operant Conditioning Theory)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) द्वारा प्रतिपादित 'पुनर्बलन और दंड की अनुसूची' (Schedules of Reinforcement and Punishment) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'मेजोलिम्बिक डोपामाइन प्रणाली' (Mesolimbic Dopamine Pathway - VTA to Nucleus Accumbens), 'ऑर्बिटोफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Orbitofrontal Cortex), और 'स्ट्रिएटम' (Striatum) के बीच पुरस्कार प्रत्याशा (Reward Expectancy), आदत गठन (Habit Formation), और जोखिम-लाभ मूल्यांकन की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रभाव के नियम' (Law of Effect) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-ऑपरेंट ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Operant Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सकारात्मक सुदृढ़ीकरण, स्व-नियमित व्यवहार व समग्र अनुकूली कौशल के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

विस्तृत व्याख्या एवं समाधान

यह प्रश्न बी.एफ. स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत (Operant Conditioning Theory) के न्यूरो-संज्ञानात्मक आधार, मस्तिष्क के पुरस्कार तंत्र (Reward System / Mesolimbic Pathway) तथा आधुनिक समावेशी शिक्षा में 'न्यूरो-ऑपरेंट ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' के अनुप्रयोग का गहराई से मूल्यांकन करता है। विकल्प (ए) वैज्ञानिक रूप से पूर्णतः सत्य है क्योंकि परिवर्तनशील अंतराल या आनुपातिक पुनर्बलन अनुसूचियां डोपामाइन रिसाव को अनुकूलित करती हैं, जिससे विद्यार्थियों में स्व-नियमित व्यवहार और प्रभावी अधिगम संवर्धित होता है।
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