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व्यक्तित्व मापन एवं परीक्षण
Asked 3 महीने पहले · Viewed 2,942 times
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'व्यक्तित्व मापन' (Personality Assessment) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक हरमन रोर्शच (Hermann Rorschach) द्वारा 1921 में विकसित 'स्याही धब्बा परीक्षण' (Inkblot Test) के अंतर्गत, जब कोई परीक्षार्थी (Subject) किसी कार्ड पर बने स्याही के धब्बे के केवल किसी छोटे और विशिष्ट हिस्से (Detail) का उत्तर देता है, तो इस प्रकार की अनुक्रिया का विश्लेषण करते समय मनोवैज्ञानिक इसे मुख्य रूप से निम्नलिखित में से किस संकेतक या श्रेणी से संबंधित मानते हैं?

विस्तृत व्याख्या एवं समाधान

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के दृष्टिकोण से व्यक्तित्व मापन की प्रक्षेपी विधियों (Projective Techniques) में रोर्शच स्याही धब्बा परीक्षण (Rorschach Inkblot Test) का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। इस परीक्षण में लोकेशन (Location) स्कोरिंग के अंतर्गत यह देखा जाता है कि परीक्षार्थी ने पूरे धब्बे (W - Whole) को देखा है या उसके किसी सामान्य (D - Usual Detail) अथवा असामान्य/छोटे हिस्से (Dd - Unusual Detail) का चयन किया है। जब कोई परीक्षार्थी लगातार बहुत छोटे या विशिष्ट हिस्सों (Dd) पर ध्यान केंद्रित करता है, तो यह उसकी अत्यधिक सूक्ष्म-प्रेक्षण प्रवृत्ति, विवरण के प्रति अति-सजगता, या मनोविकृति विज्ञान (Psychopathology) के अंतर्गत जुनूनी-बाध्यकारी लक्षणों (Obsessive-Compulsive Tendencies) तथा अत्यधिक चिंता को दर्शाता है। अतः विकल्प (b) इस संदर्भ में सबसे सटीक मनोवैज्ञानिक व्याख्या है।
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