“सीखने के लिए सीखना” (Learning to Learn) सिद्धांत के प्रतिपादक कौन हैं?
विस्तृत व्याख्या एवं समाधान
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
“सीखने के लिए सीखना” (Learning to Learn) का सिद्धांत प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक हैरी हार्लो (Harry Harlow) द्वारा प्रतिपादित किया गया था। इस सिद्धांत के अनुसार, जब प्राणी (विशेषकर बंदरों और मनुष्यों पर किए गए प्रयोगों में) विभिन्न प्रकार की समस्याओं या कार्यों को बार-बार हल करता है, तो वह केवल विशिष्ट समस्याओं को ही नहीं सीखता, बल्कि वह यह भी सीख जाता है कि भविष्य में नए और अप्रत्याशित कार्यों को अधिक कुशलता और गति से कैसे सीखा जाए। हार्लो के इस प्रयोग ने संज्ञानात्मक विकास, अधिगम स्थानांतरण (Transfer of Learning) और सीखने की रणनीतियों में एक मील का पत्थर साबित किया। विकल्प (d) हर्लो इस प्रश्न का पूर्णतः सटीक उत्तर है, क्योंकि अन्य मनोवैज्ञानिकों ने सीखने के अन्य सिद्धांतों जैसे कि संज्ञानात्मक विकास, शास्त्रीय अनुबंधन या अंतर्निहित ड्राइव रिडक्शन पर कार्य किया था।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- हैरी हार्लो का योगदान: हार्लो ने रिसस बंदरों पर प्रयोग करके यह दर्शाया कि अनुभव के साथ सीखने की क्षमता में गुणात्मक सुधार होता है।
- जीन पियाजे (विकल्प a): इन्होंने संज्ञानात्मक विकास का सिद्धांत (Theory of Cognitive Development) प्रतिपादित किया जिसमें स्कीमा, आत्मसातकरण और समंजन की प्रक्रिया शामिल है।
- इवान पावलाव (विकल्प b): इन्होंने शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) का सिद्धांत दिया जो कुत्ते की लार ग्रंथियों पर आधारित था।
- क्लार्क हल (विकल्प c): इन्होंने अंतर्निहित न्यूनता या प्रणोद न्यूनीकरण सिद्धांत (Drive Reduction Theory of Motivation) का प्रतिपादन किया।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र में अधिगम के विविध आयामों को समझने के लिए हैरी हार्लो का “सीखने के लिए सीखना” सिद्धांत अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह अधिगम दक्षता और सीखने के कौशल के विकास पर जोर देता है। अधिक जानकारी के लिए हार्लो के अधिगम सिद्धांत का अध्ययन करें।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (जैसे CTET, UPTET, DSSSB और BPSC TRE) में मनोवैज्ञानिकों और उनके सिद्धांतों के नाम सीधे तौर पर पूछे जाते हैं। 'Learning to Learn' एक ऐसी अवधारणा है जो यह सिखाती है कि कक्षा कक्ष में विद्यार्थियों को केवल तथ्य रटाने के बजाय उनमें मेटाकॉग्निटिव स्किल्स (Meta-cognitive skills) या अधिगम रणनीतियों को विकसित किया जाना चाहिए ताकि वे स्वतंत्र शिक्षार्थी बन सकें। हार्लो के प्रयोगों से यह स्पष्ट हुआ कि जैसे-जैसे अभ्यास बढ़ता है, नई समस्याओं को हल करने की कठिनाई दर घटती जाती है। शिक्षकों को शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में इस सिद्धांत का उपयोग करके छात्रों में रणनीतिक सोच को बढ़ावा देना चाहिए।