वंश सूत्र (आनुवंशिकता) के नियम के प्रतिपादक कौन हैं?
विस्तृत व्याख्या एवं समाधान
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
वंशानुक्रम (Heredity) के नियमों के प्रतिपादक ग्रेगर जॉन मेंडेल (Gregor John Mendel) को माना जाता है। मेंडेल को 'आनुवंशिकी का जनक' (Father of Genetics) भी कहा जाता है। उन्होंने मटर के पौधों (Garden Pea Plants) पर अपने प्रसिद्ध प्रयोगों के माध्यम से आनुवंशिकता के मूल नियमों—जैसे प्रभाविता का नियम (Law of Dominance), पृथक्करण का नियम (Law of Segregation), और स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम (Law of Independent Assortment) को प्रतिपादित किया। बाल विकास में वंशानुक्रम बच्चे की शारीरिक, मानसिक और संवेगात्मक विशेषताओं की नींव रखता है। विकल्पों में दिए गए अन्य मनोवैज्ञानिक अलग-अलग क्षेत्रों से संबंधित हैं, जैसे जेरोम ब्रूनर संज्ञानात्मक विकास व खोज अधिगम के लिए, स्पीयरमैन बुद्धि के द्वि-कारक सिद्धांत के लिए, और अल्फ्रेड बिने प्रथम बुद्धि परीक्षण के निर्माण के लिए जाने जाते हैं। अतः यहाँ सही उत्तर मैंडल है।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- ग्रेगर जॉन मेंडेल ने वंशागति के अध्ययन के लिए पाइसम सेटिवम (मटर) के पौधों को चुना था।
- वंशानुक्रम बालक के रंग, रूप, लंबाई, बुद्धि और मूल प्रवृत्तियों को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है।
- जेरोम ब्रूनर ने 'संरचनात्मक शिक्षण अधिगम सिद्धांत' (Discovery Learning) प्रतिपादित किया है।
- चार्ल्स स्पीयरमैन ने बुद्धि का 'द्वि-कारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory) दिया था, जिसमें 'g' और 's' कारक शामिल हैं।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र में वंशानुक्रम और वातावरण (Heredity and Environment) की परस्पर अंतःक्रिया बच्चे के सर्वांगीण विकास को निर्धारित करती है। आनुवंशिकी के मूल नियम मेंडेल द्वारा दिए गए हैं। अधिक जानकारी के लिए देखें: वंशानुक्रम एवं वातावरण का प्रभाव।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (जैसे CTET, UPTET, REET) में बाल विकास के अंतर्गत वंशानुक्रम और वातावरण से जुड़े प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। परीक्षार्थियों को यह स्पष्ट होना चाहिए कि शारीरिक और जैविक गुणों का संचरण माता-पिता से संतानों में जींस और गुणसूत्रों (Chromosomes) के माध्यम से होता है जिसके वैज्ञानिक आधार मेंडेल के नियमों पर टिके हैं। अन्य विकल्पों की वैचारिक पृष्ठभूमि को समझकर छात्र भ्रमित होने से बच सकते हैं, क्योंकि बिने, स्पीयरमैन और ब्रूनर का संबंध बौद्धिक एवं संज्ञानात्मक विकास से है, न कि आनुवंशिक नियमों के प्रतिपादन से।