आर्मी अल्फा परीक्षण के प्रतिपादक कौन हैं?
विस्तृत व्याख्या एवं समाधान
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
आर्मी अल्फा परीक्षण (Army Alpha Test) एक प्रसिद्ध सामूहिक बुद्धि परीक्षण है जिसका उपयोग प्रथम विश्व युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना में सैनिकों की बौद्धिक क्षमता मापने के लिए किया गया था। इस परीक्षण के मूल प्रतिपादक और विकास में आर्थर एस. ओटिस (Arthur S. Otis) की महत्वपूर्ण भूमिका थी, जिन्होंने रॉबर्ट योर्किस (Robert Yerkes) के साथ मिलकर इस लिखित सामूहिक बुद्धि परीक्षण का निर्माण किया। यह परीक्षण उन सैनिकों के लिए था जो पढ़ना और लिखना जानते थे, जिससे यह व्यक्तिगत परीक्षणों की तुलना में कम समय में अधिक लोगों पर आसानी से लागू किया जा सकता था। अत: विकल्प (a) इस प्रश्न का पूर्ण रूप से सही उत्तर है, क्योंकि अन्य विकल्प जैसे एविग हास, जेरोम ब्रूनर और एरिक्सन क्रमशः स्मृति, संज्ञानात्मक विकास और मनोसामाजिक विकास के सिद्धांतों से जुड़े हैं।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- सामूहिक बुद्धि परीक्षण: आर्मी अल्फा परीक्षण पहला बड़ा सामूहिक मौखिक/लिखित बुद्धि परीक्षण था।
- शाब्दिक परीक्षण (Verbal Test): यह परीक्षण साक्षर व्यक्तियों के लिए डिजाइन किया गया था, जबकि निरक्षर व्यक्तियों के लिए 'आर्मी बीटा परीक्षण' (Army Beta Test) का प्रयोग हुआ।
- विकल्प विश्लेषण: एविग हास ने अधिगम वक्र और विस्मरण पर कार्य किया, जेरोम ब्रूनर ने खोजपूर्ण अधिगम (Discovery Learning) दिया, और एरिक्सन ने मनोसामाजिक विकास सिद्धांत प्रतिपादित किया।
- शैक्षणिक महत्व: सामूहिक परीक्षणों से विद्यालयों में एक साथ कई विद्यार्थियों की बौद्धिक योग्यता का आकलन करना आसान हुआ।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: बुद्धि और उसके मापन के इतिहास में सामूहिक बुद्धि परीक्षणों का महत्वपूर्ण स्थान है। आर्मी अल्फा परीक्षण जैसे उपकरण आधुनिक शिक्षा में समावेशी शिक्षा और मानकीकृत परीक्षणों की नींव रखते हैं।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (जैसे CTET, UPTET, STET और BPSC शिक्षक भर्ती) में बुद्धि परीक्षण के इतिहास और वर्गीकरण से संबंधित प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं। आर्मी अल्फा (साक्षर सैनिकों के लिए) और आर्मी बीटा (निरक्षर सैनिकों के लिए) प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बुद्धि परीक्षण के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हुए। परीक्षार्थियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि व्यक्तिगत बुद्धि परीक्षण (जैसे बिने-साइमन परीक्षण) और सामूहिक बुद्धि परीक्षण (जैसे ओटिस और योर्किस द्वारा निर्मित आर्मी अल्फा) में क्या अंतर है। इस प्रकार के तथ्यात्मक एवं वैचारिक प्रश्नों को हल करने के लिए बुद्धि के इतिहास का अध्ययन अत्यंत आवश्यक है।