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अधिगम स्थानांतरण, वक्र एवं पठार
Asked 4 महीने पहले · Viewed 2,487 times
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पियाजे के अनुसार, 'अहमकेंद्रित' (Egocentrism) व्यवहार किस अवस्था की मुख्य विशेषता है?

विस्तृत व्याख्या एवं समाधान

सही उत्तर: विकल्प D (स्थायी स्थानांतरण - Permanent Transfer)

1. प्रस्तावना: अधिगम का स्थानांतरण (Transfer of Learning) और इसका स्वरूप

शिक्षा मनोविज्ञान और बाल विकास में अधिगम का स्थानांतरण या प्रशिक्षण अंतरण (Transfer of Learning / Transfer of Training) एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। मनोवैज्ञानिक सोरेन्सन (Sorenson) के अनुसार: "स्थानांतरण एक परिस्थिति में अर्जित ज्ञान, प्रशिक्षण और आदतों का दूसरी परिस्थिति में सीखे जाने वाले कार्य पर पड़ने वाला प्रभाव है।" जब कोई व्यक्ति किसी एक क्षेत्र में कोई कौशल, सिद्धांत या ज्ञान सीखता है, तो वह ज्ञान भविष्य में किसी नए कार्य को सीखने में सहायक, बाधक या तटस्थ हो सकता है। मनोविज्ञान में प्रभाव की प्रकृति के आधार पर स्थानांतरण को मुख्य रूप से तीन शास्त्रीय प्रकारों में बाँटा गया है: सकारात्मक (Positive), नकारात्मक (Negative) और शून्य (Zero) स्थानांतरण। इसके अतिरिक्त क्षैतिज, ऊर्ध्वाधर और द्विपार्श्विक प्रकार भी मान्य हैं, परंतु 'स्थायी स्थानांतरण' (Permanent Transfer) नाम का कोई मान्य मनोवैज्ञानिक प्रकार नहीं होता है।

2. अधिगम स्थानांतरण के तीन मुख्य शास्त्रीय प्रकार

मनोविज्ञान में सीखने के अंतरण को निम्नलिखित तीन प्राथमिक श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है:

  • 1. सकारात्मक / धनात्मक स्थानांतरण (Positive Transfer):
    • जब पूर्व में सीखा गया ज्ञान या कौशल किसी नई परिस्थिति में सीखने को सरल, सुगम और तीव्र बनाता है, तो उसे सकारात्मक स्थानांतरण कहते हैं।
    • उदाहरण: साइकिल चलाने का संतुलन जब स्कूटर या मोटरसाइकिल सीखने में मदद करता है, अथवा गणित का जोड़-घटाव जब भौतिक विज्ञान के संख्यात्मक प्रश्नों को हल करने में सहायता करता है।
  • 2. नकारात्मक / ऋणात्मक स्थानांतरण (Negative Transfer):
    • जब पूर्व ज्ञान या आदतें किसी नए कार्य को सीखने में बाधा, रुकावट या कठिनाई उत्पन्न करती हैं, तो उसे नकारात्मक स्थानांतरण या व्यवधान (Interference) कहते हैं।
    • उदाहरण: भारत में बाईं ओर (Left-hand drive) गाड़ी चलाने का अभ्यस्त ड्राइवर जब अमेरिका में दाईं ओर (Right-hand drive) गाड़ी चलाता है, तो उसे भारी भ्रम और कठिनाई होती है। इसी प्रकार कीबोर्ड टाइपिंग में लेआउट बदलने पर गति का गिरना।
  • 3. शून्य स्थानांतरण (Zero / Neutral Transfer):
    • जब पूर्व ज्ञान का नए कार्य को सीखने पर न तो कोई सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और न ही कोई नकारात्मक बाधा आती है, तो उसे शून्य स्थानांतरण कहते हैं। दोनों कार्य एक-दूसरे से पूर्णतः स्वतंत्र होते हैं।
    • उदाहरण: इतिहास या भूगोल का ज्ञान होने से तैराकी या क्रिकेट सीखने पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। कबीर के दोहे याद करने से गणित के बीजगणित सीखने पर कोई असर नहीं होता।

3. स्थानांतरण के अन्य महत्वपूर्ण संरचनात्मक प्रकार

  • क्षैतिज स्थानांतरण (Horizontal Transfer): समान स्तर की जटिलता वाले कार्य में ज्ञान का अनुप्रयोग (जैसे- कक्षा में सीखा गया गणित बाजार में खरीदारी करते समय लागू करना)।
  • ऊर्ध्वाधर स्थानांतरण (Vertical Transfer): निम्न स्तर के ज्ञान का उच्च स्तर की जटिल संक्रियाओं में उपयोग (जैसे- जोड़-घटाव सीखने के बाद गुणा और भाग सीखना)।
  • द्विपार्श्विक स्थानांतरण (Bilateral Transfer): शरीर के एक अंग (जैसे दाएँ हाथ) से सीखे गए कौशल का स्वतः दूसरे अंग (बाएँ हाथ) में स्थानांतरित हो जाना।
  • एकपक्षीय स्थानांतरण (Unilateral Transfer): शरीर के किसी एक ही पक्ष के अंगों द्वारा कौशल का परिष्कार।

4. तुलनात्मक तालिका: अधिगम अंतरण के विभिन्न प्रकार

प्रकार का नाम अधिगम पर प्रभाव संबंध की प्रकृति व्यावहारिक उदाहरण
सकारात्मक अंतरण सीखने को सुगम और तीव्र बनाता है। अनुकूल एवं सहयोगी (Facilitative)। साइकिल सीखने के बाद स्कूटी सीखना।
नकारात्मक अंतरण सीखने में बाधा और त्रुटियाँ बढ़ाता है। प्रतिकूल एवं बाधक (Inhibitory)। अंग्रेजी व्याकरण के नियम का फ्रेंच सीखने में भ्रम पैदा करना।
शून्य अंतरण कोई प्रभाव नहीं पड़ता (तटस्थ)। पूर्णतः असंबंधित (Neutral)। हिंदी साहित्य पढ़ने के बाद कार चलाना सीखना।
स्थायी स्थानांतरण कोई मनोवैज्ञानिक अस्तित्व नहीं। अमान्य वर्गीकरण। मनोविज्ञान में केवल स्मृति स्थायी हो सकती है, अंतरण नहीं।

5. अन्य विकल्पों का तार्किक खंडन

  • विकल्प A (सकारात्मक स्थानांतरण): यह अधिगम अंतरण का सबसे प्रमुख और सार्वभौमिक रूप है जो शिक्षण में वांछनीय माना जाता है।
  • विकल्प B (नकारात्मक स्थानांतरण): यह प्रोएक्टिव और रेट्रोएक्टिव व्यवधान (Interference) पर आधारित एक वैज्ञानिक रूप से स्थापित प्रकार है।
  • विकल्प C (शून्य स्थानांतरण): जब दो कौशलों के तंत्रिका पथ (Neural pathways) भिन्न होते हैं, तो शून्य अंतरण घटित होता है, जो मान्य प्रकार है।
  • विकल्प D (स्थायी स्थानांतरण): यह विकल्प मनगढ़ंत है। अधिगम में ज्ञान की धारणा (Retention) स्थायी या अस्थायी हो सकती है, किंतु स्थानांतरण का वर्गीकरण कभी भी समय या स्थायित्व के आधार पर नहीं किया जाता।

6. शिक्षकों और कक्षा-कक्ष हेतु शैक्षणिक निहितार्थ

CTET और BPSC शिक्षक भर्ती परीक्षाओं के दृष्टिकोण से शिक्षकों को कक्षा में अधिकतम सकारात्मक स्थानांतरण (Positive Transfer) सुनिश्चित करने के लिए पढ़ाना चाहिए। इसके लिए शिक्षक को थॉर्नडाइक के समरूप तत्वों के सिद्धांत (Theory of Identical Elements) और जड के सामान्यीकरण के सिद्धांत (Theory of Generalization) का उपयोग करना चाहिए। जब शिक्षक पाठ्यपुस्तक के ज्ञान को वास्तविक जीवन के अनुभवों, खेल और परिवेशीय उदाहरणों से जोड़ता है, तो बालक का ज्ञान जीवंत होकर अन्य क्षेत्रों में सहजता से स्थानांतरित होने लगता है।

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