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गार्डनर: बहुबुद्धि
Asked 2 महीने पहले · Viewed 4,346 times
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बुद्धि के त्रि-चापीय सिद्धांत (Triarchic Theory of Intelligence) के प्रतिपादक रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के अनुसार, बुद्धिमत्ता का वह घटक जो व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन के अनुभवों से सीखने, नई और अपरिचित परिस्थितियों के साथ तालमेल बिठाने तथा अमूर्त रूप से सोचने की क्षमता प्रदान करता है, निम्नलिखित में से किस श्रेणी के अंतर्गत आता है?

विस्तृत व्याख्या एवं समाधान

📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:

रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि का त्रि-चापीय सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) के अनुसार, बुद्धिमत्ता को तीन प्रमुख उप-सिद्धांतों या घटकों में विभाजित किया गया है। प्रश्न में उल्लिखित विशेषताओं—जैसे कि दैनिक जीवन के अनुभवों से सीखना, नई एवं अपरिचित परिस्थितियों के साथ तालमेल बिठाना (नवाचार), तथा अमूर्त रूप से सोचकर सृजनात्मक कार्य करना—का संबंध सीधे तौर पर 'अनुभवी या सृजनात्मक बुद्धि' (Experiential / Creative Intelligence) से है। यह घटक व्यक्ति की पूर्व अनुभवों को नई समस्याओं पर लागू करने और लीक से हटकर (out-of-the-box) सोचने की क्षमता को दर्शाता है। स्टर्नबर्ग के अनुसार, यह बुद्धि सृजनशीलता, कलात्मक अभिव्यक्ति और अप्रत्याशित स्थितियों से निपटने में विशेष रूप से सहायक होती है। अतः विकल्प (b) इस प्रश्न का सही और सटीक उत्तर है।

📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:

  • घटकिया/विश्लेषणात्मक बुद्धि (Componential/Analytical): इसके अंतर्गत सूचनाओं का विश्लेषण करना, तार्किक चिंतन करना और समस्याओं को हल करने की क्षमता आती है।
  • अनुभवी/सृजनात्मक बुद्धि (Experiential/Creative): यह नए अनुभवों से सीखने, अपरिचित परिवेश से तालमेल बैठाने और सृजनात्मकता से संबंधित है।
  • संदर्भगत/व्यावहारिक बुद्धि (Contextual/Practical): इसे 'व्यावहारिक बुद्धि' या स्ट्रीट स्मार्टनेस भी कहते हैं, जो वास्तविक जीवन के वातावरण में सफल होने में मदद करती है।
  • विकल्प (d) भ्रामक है क्योंकि भावनात्मक बुद्धि का सिद्धांत डेनियल गोलमैन द्वारा दिया गया था, जो स्टर्नबर्ग के त्रि-चापीय सिद्धांत का हिस्सा नहीं है।

📖 सैद्धांतिक संदर्भ: रॉबर्ट स्टर्नबर्ग का त्रि-चापीय सिद्धांत बाल विकास और संज्ञानात्मक मनोविज्ञान में बुद्धि की बहुआयामी प्रकृति को समझने का एक आधार स्तंभ है। इस विषय पर विस्तृत अध्ययन हेतु जीन पियाजे का सिद्धांत और संज्ञानात्मक विकास के आयामों का तुलनात्मक अध्ययन करना प्रतियोगी परीक्षाओं में अत्यंत लाभदायक होता है।

🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔

गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:

शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (जैसे CTET, UPTET, KVS, और BPSC TRE) में रॉबर्ट स्टर्नबर्ग के त्रि-चापीय सिद्धांत से संबंधित प्रश्न अक्सर व्यावहारिक परिदृश्यों पर आधारित होते हैं। परीक्षार्थियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि 'अनुभवी बुद्धि' हमेशा नवीनता (novelty) और स्वचालितता (automation) से जुड़ी होती है। जब कोई व्यक्ति किसी कार्य को बार-बार करने के बाद उसमें सहज हो जाता है या किसी बिल्कुल नई समस्या का समाधान अपनी सूझबूझ से खोज लेता है, तो वहां सृजनात्मक या अनुभवी बुद्धि कार्यरत होती है। शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में शिक्षकों को छात्रों की इस क्षमता को बढ़ावा देने के लिए खुले अंत वाले (open-ended) प्रश्न पूछने चाहिए ताकि उनकी सृजनात्मकता का समुचित विकास हो सके।

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