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संज्ञानात्मक विकास
Asked 2 महीने पहले · Viewed 1,341 times
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मूरिस टॉलमैन (Edward C. Tolman) के 'चिह्न अधिगम सिद्धांत' (Sign Learning Theory / Purposive Behaviorism) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'संज्ञानात्मक मानचित्र या कॉग्निटिव मैप' (Cognitive Map)—जिसे उस मानसिक प्रतिनिधित्व (Mental Representation) के रूप में परिभाषित किया जाता है जो प्राणी अपने पर्यावरण, भौतिक परिवेश, रास्तों और लक्ष्यों के स्थानिक और वैचारिक संबंधों का अधिगम के दौरान अपने मस्तिष्क में निर्माण करता है, बिना किसी तत्काल सुदृढ़ीकरण (Immediate Reinforcement) के—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्थानिक संज्ञान, समस्या समाधान और मानसिक योजना निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

विस्तृत व्याख्या एवं समाधान

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के मनोवैज्ञानिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण से एडवर्ड टॉलमैन (Edward C. Tolman) का 'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map) का संप्रत्यय अत्यंत महत्वपूर्ण है। टॉलमैन के अनुसार, अधिगम केवल उत्तेजना-प्रतिक्रिया (S-R) का यांत्रिक बंधन नहीं है, बल्कि प्राणी अपने पर्यावरण का एक आंतरिक मानसिक नक्शा या 'संज्ञानात्मक मानचित्र' बनाता है। इसके आधार पर विद्यार्थी बिना किसी तत्काल पुरस्कार या सुदृढ़ीकरण के भी 'छिपा हुआ अधिगम' (Latent Learning) प्रदर्शित करते हैं और आवश्यकता पड़ने पर अपनी मानसिक योजना के बल पर जटिल समस्याओं का समाधान ढूंढ लेते हैं। अतः विकल्प (c) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है।
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