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संज्ञानात्मक विकास
Asked 2 महीने पहले · Viewed 4,476 times
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डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'अर्थपूर्ण मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अग्रगामी संगठक या एडवांस ऑर्गेनाइजर' (Advance Organizer)—जिसे उस pedagogical उपकरण या प्रारंभिक शिक्षण सामग्री के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसे मुख्य और नई विषय-वस्तु को पढ़ाने से ठीक पहले विद्यार्थियों के सामने प्रस्तुत किया जाता है ताकि यह उनके संज्ञानात्मक ढांचे में पहले से मौजूद प्रासंगिक विचारों (Prior Knowledge) और स्कीमा के साथ नए ज्ञान को जोड़ने के लिए एक वैचारिक सेतु (Conceptual Bridge) का कार्य कर सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक समावेश, अर्थपूर्ण ज्ञान-सर्जन और संज्ञानात्मक संरचना के सुदृढ़ीकरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

विस्तृत व्याख्या एवं समाधान

डेविड औसुबेल के अर्थपूर्ण मौखिक अधिगम सिद्धांत के अनुसार, 'अग्रगामी संगठक' (Advance Organizer) वे प्रारंभिक परिचयात्मक सामग्रियां हैं जिन्हें मुख्य पाठ से पहले उच्च स्तर की व्यापकता और समावेशन के साथ प्रस्तुत किया जाता है। यह विद्यार्थियों के पूर्व-ज्ञान (Prior Knowledge) और नए ज्ञान के बीच एक 'संज्ञानात्मक सेतु' का काम करता है, जिससे 'सब्संप्शन' (Subsumption - अवकलित स्वांगीकरण) की प्रक्रिया तेज होती है और ज्ञान रटने के बजाय अर्थपूर्ण तथा स्थायी रूप से मस्तिष्क में समाहित हो जाता है। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है।
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