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संज्ञानात्मक विकास
Asked 3 महीने पहले · Viewed 4,430 times
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जॉन फ्लेवेल (John Flavell) द्वारा प्रतिपादित और संज्ञानात्मक मनोविज्ञान के क्षेत्र में अत्यधिक महत्वपूर्ण संप्रत्यय—'अधिज्ञान या अधिसंज्ञाज्ञान' (Metacognition)—जिसे "ज्ञान के बारे में ज्ञान" या अपनी स्वयं की संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं (जैसे- सोचना, सीखना, स्मरण करना और समझना) के बारे में जागरूकता, निगरानी (Monitoring) और स्व-विनियमन (Self-regulation) की उच्च-स्तरीय क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्वायत्त अधिगम (Autonomous Learning), समस्या-समाधान रणनीतियों के प्रभावी चयन और आलोचनात्मक चिंतन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

विस्तृत व्याख्या एवं समाधान

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के दृष्टिकोण से अधिसंज्ञाज्ञान (Metacognition) एक अत्यंत महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक संप्रत्यय है। जॉन फ्लेवेल द्वारा प्रतिपादित इस अवधारणा का अर्थ है—"अपने स्वयं के ज्ञान के बारे में जानना" या अपनी संज्ञानात्मक प्रणालियों (चिंतन, स्मरण, समझ) की निगरानी और विनियमन करना। विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है क्योंकि अधिसंज्ञानात्मक कौशल विद्यार्थियों को यह सिखाते हैं कि वे कब, क्यों और कैसे किसी विशिष्ट रणनीति का उपयोग करके अपनी सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बना सकते हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर (Autonomous) और प्रभावी अधिगमकर्ता बनते हैं। विकल्प a, c और d वैज्ञानिक रूप से गलत और भ्रामक हैं।
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