BaalVikas
Menu
संज्ञानात्मक विकास
Asked 3 महीने पहले · Viewed 2,238 times
हिन्दी English

जॉर्ज केली (George Kelly) के 'व्यक्तिगत निर्माण सिद्धांत' (Personal Construct Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय मनोवैज्ञानिक अवधारणा—'निर्माण विकल्पोक्ति' (Constructive alternativism)—जिसे इस दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण के रूप में परिभाषित किया जाता है कि सभी लोगों की वास्तविकता की अपनी व्याख्या या 'निर्माण' (Constructs) होते हैं, और भविष्य की भविष्यवाणियों के लिए किसी भी वर्तमान निर्माण को संशोधित किया जा सकता है या एक नए विकल्प से बदला जा सकता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के लचीले चिंतन, परिप्रेक्ष्य लेने (Perspective-taking) और संज्ञानात्मक पुनर्निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

विस्तृत व्याख्या एवं समाधान

जॉर्ज केली (George Kelly) का 'व्यक्तिगत निर्माण सिद्धांत' (Personal Construct Theory) 'निर्माण विकल्पोक्ति' (Constructive Alternativism) के मूल दर्शन पर आधारित है। इसका अर्थ है कि व्यक्ति अपनी वास्तविकता को किसी एक परम सत्य के रूप में नहीं बल्कि अपने स्वयं के 'निर्माणों' (Constructs) के माध्यम से व्याख्यायित करते हैं। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में इसका तात्पर्य यह है कि छात्र अपने अनुभवों के आधार पर मानसिक खाके तैयार करते हैं, और जब पुरानी व्याख्याएं अपर्याप्त साबित होती हैं, तो वे अपनी सोच में लचीलापन लाते हुए नए वैकल्पिक दृष्टिकोण अपना सकते हैं। यह विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक लचीलेपन, आलोचनात्मक चिंतन और समस्या-समाधान की क्षमता को अत्यधिक बढ़ावा देता है।
Share:
अगला प्रश्न → रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagne) के 'अधिगम के पदानुक्रम सिद्धांत' (Conditions of… ← पिछला प्रश्न रॉबर्ट गैने (Robert Gagné) के 'अधिगम के पदानुक्रम…
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.