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संज्ञानात्मक विकास
Asked 3 महीने पहले · Viewed 2,910 times
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रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagne) के 'अधिगम के सोपानिकी सिद्धांत' (Conditions of Learning / Hierarchy of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर की अधिगम प्रकार —'समस्या समाधान अधिगम' (Problem-Solving Learning)— की अवधारणा, जिसके तहत शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित नियमों, सिद्धांतों और संप्रत्ययों का उपयोग करके एक जटिल, नवीन और अनूठी समस्या का तार्किक, विश्लेषणात्मक और सृजनात्मक समाधान खोजता है तथा इससे उसकी संज्ञानात्मक क्षमताओं एवं उच्च-स्तरीय बौद्धिक योजनाओं (Cognitive Structures) का स्थायी विस्तार होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन, स्वतंत्र बौद्धिक अन्वेषण और उच्च-कोटि के मानसिक प्रसंस्करण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

विस्तृत व्याख्या एवं समाधान

रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagne) ने अपनी पुस्तक 'द कंडीशंस ऑफ लर्निंग' में अधिगम के आठ स्तरों की एक सोपानिकी (Hierarchy) प्रस्तुत की है, जिसमें संकेत अधिगम से शुरू होकर सर्वोच्च स्तर 'समस्या समाधान अधिगम' (Problem-Solving Learning) पर समाप्त होती है। समस्या समाधान अधिगम वह प्रक्रिया है जहाँ शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित विभिन्न नियमों और सिद्धांतों का नए और जटिल परिस्थितियों में उपयोग करके अपनी बौद्धिक क्षमताओं का विस्तार करता है। यह उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक प्रक्रिया शिक्षार्थी में आलोचनात्मक चिंतन, तार्किक विश्लेषण और ज्ञान के सक्रिय पुनर्निर्माण को बढ़ावा देती है, जो MPTET परीक्षा के педагогика (Pedagogy) खंड के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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