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बाल-केंद्रित एवं सक्रिय शिक्षण
Asked 3 महीने पहले · Viewed 2,883 times
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जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा' (Progressive Education) और 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत के अंतर्गत प्रतिपादित 'चिंतनशील चिंतन प्रक्रिया' (Reflective Thinking Process) के पाँच चरणों तथा 'अनुभवात्मक शिक्षा' (Experiential Education) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक सहभागिता और विद्यार्थियों के 'समस्या-समाधान' (Problem-Solving) कौशल के वैज्ञानिक विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

विस्तृत व्याख्या एवं समाधान

जॉन डीवी के प्रगतिशील शिक्षा और 'करके सीखने' (Learning by Doing) के सिद्धांत में 'चिंतनशील चिंतन' (Reflective Thinking) को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। इस प्रक्रिया का पहला और सबसे महत्वपूर्ण चरण 'कठिनाई या समस्या की अनुभूति' (Felt Difficulty) है। जब विद्यार्थी कक्षा-कक्षीय अधिगम के दौरान किसी वास्तविक समस्या का सामना करते हैं, तो उनके भीतर संज्ञानात्मक असंतुलन (Cognitive Dissonance) उत्पन्न होता है, जो उन्हें समस्या के समाधान हेतु परिकल्पना निर्माण, डेटा संग्रह और उसके परीक्षण के लिए आंतरिक रूप से प्रेरित करता है। यह बाल-केंद्रित और लोकतांत्रिक शिक्षा का मूल आधार है।
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