विशेष आवश्यकता वाले बालक (CWSN)
Asked 3 महीने पहले · Viewed 1,686 times
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के दृष्टिकोण से बाल विकास और शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत 'स्रवण बाधित बालकों' (Hearing Impaired Children) की शिक्षा में 'मौन पठन' (Silent Reading) की तुलना में 'ओष्ठ पठन' (Lip Reading/Speech Reading) का शिक्षण में क्या विशिष्ट महत्व है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
विस्तृत व्याख्या एवं समाधान
श्रवण बाधित बालकों (Hearing Impaired Children) के शिक्षण में 'ओष्ठ पठन' (Lip Reading) एक अत्यंत महत्वपूर्ण विधि है। इसके माध्यम से बालक वक्ता के होंठों की गति, चेहरे के हाव-भाव और श्वास के उतार-चढ़ाव को देखकर यह समझता है कि क्या कहा जा रहा है। यह विधि विशेष रूप से मौखिक भाषा को समझने, वैचारिक स्पष्टता लाने और समाज के अन्य लोगों के साथ प्रभावी संप्रेषण (Communication) स्थापित करने में सहायक होती है, जिससे उनका सामाजिक और भाषाई विकास सुगम हो जाता है।
अगला प्रश्न →
'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) और 'विशिष्ट बालकों के अधिगम' के संदर्भ…
← पिछला प्रश्न
निम्नलिखित में से कौन-सी रणनीति उस बच्चे को पाठ योजना…
संबंधित प्रश्न
→
'समावेशी शिक्षा और विशिष्ट बालकों के मनोवैज्ञानिक स्वरूप' के संदर्भ में, लुइस ब्रेल (Louis Braille) द्वारा…
→
'दृष्टिबाधित अधिगमकर्ताओं के समावेश और स्थानिक संज्ञान (Spatial Cognition) के न्यूरो-संज्ञानात्मक…
→
कौन-सी प्रक्रिया विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को निश्चित मानक कक्षा में प्रवेश करने की अनुमति देती है, जब वे…
→
एक शिक्षक विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के हितों के प्रति निम्न द्वारा प्रतिक्रिया कर सकता है-
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बालकों (CWSN) के लिए 'सार्वभौमिक डिज़ाइन…
→
ब्रेल लिपि के प्रतिपादक कौन हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.