2001 में ब्लूम की टैक्सोनॉमी के संशोधित संस्करण में, संज्ञा 'संश्लेषण' को निम्नलिखित में से किस क्रिया में बदल दिया गया था?
विस्तृत व्याख्या एवं समाधान
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
बेंजामिन ब्लूम द्वारा 1956 में शैक्षिक उद्देश्यों के वर्गीकरण (Bloom's Taxonomy) का प्रतिपादन किया गया था, जिसे वर्ष 2001 में उनके पूर्व छात्र लोरेन एंडरसन और डेविड क्राथwohl द्वारा संशोधित किया गया। मूल वर्गीकरण में संज्ञाओं (Nouns) का प्रयोग किया गया था जैसे 'संश्लेषण' (Synthesis), जबकि संशोधित संस्करण में क्रियाओं (Verbs) का प्रयोग किया गया ताकि उच्च-स्तरीय चिंतन कौशल को अधिक सक्रिय रूप से प्रदर्शित किया जा सके। संशोधित संस्करण के शीर्ष पर 'मूल्यांकन' (Evaluation) को नीचे लाकर सबसे ऊपर 'सर्जन करना' यानी 'बनाना' (Creating) को रखा गया, जो मूल वर्गीकरण के 'संश्लेषण' (Synthesis) के स्तर को प्रतिस्थापित करता है। इसमें विभिन्न तत्वों को जोड़कर एक नया मूल ढांचा या अद्वितीय उत्पाद तैयार करना शामिल होता है। इसलिए सही विकल्प 'बनाना' (Creating) है, जो संज्ञा संश्लेषण को एक क्रियात्मक रूप में दर्शाता है।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- मूल ब्लूम टैक्सोनॉमी (1956) के चरण: ज्ञान, बोध, अनुप्रयोग, विश्लेषण, संश्लेषण और मूल्यांकन।
- संशोधित ब्लूम टैक्सोनॉमी (2001) के चरण: स्मरण करना, समझना, अनुप्रयोग करना, विश्लेषण करना, मूल्यांकन करना और सृजन करना (Creating)।
- यहाँ संज्ञा (Noun) 'Synthesis' को बदलकर क्रिया (Verb) 'Creating' किया गया, क्योंकि शैक्षिक अधिगम एक सक्रिय प्रक्रिया है।
- अन्य विकल्प (परिभाषित करना, सम्िश्रण, संयोजन) इस उच्चतम संज्ञानात्मक स्तर का सटीक और आधिकारिक प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: संज्ञानात्मक विकास और शैक्षिक उद्देश्यों के वर्गीकरण के अंतर्गत ब्लूम का वर्गीकरण सिद्धांत बाल विकास और शिक्षाशास्त्र (CDP) का एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में बार-बार पूछा जाता है।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
शिक्षक परीक्षाओं में ब्लूम टैक्सोनॉमी के पुराने और संशोधित संस्करण के बीच अंतर से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। 2001 के संशोधन में दो बड़े बदलाव हुए थे - एक, शब्दावली को संज्ञा से क्रिया में बदलना और दूसरा, पदानुक्रम (Hierarchy) के शीर्ष दो पदों को बदलना। 'संश्लेषण' जो कि विभिन्न भागों को मिलाकर एक संपूर्ण रूप देने से संबंधित था, उसे अब 'सृजन करना' (Creating) कहा जाता है क्योंकि यह नवीन और मौलिक विचारों के उत्पादन पर जोर देता है। अध्यापन के दौरान विद्यार्थियों में उच्च-क्रम चिंतन कौशल (HOTS) विकसित करने के लिए शिक्षकों को इस संशोधित प्रारूप का पालन करना अनिवार्य माना जाता है।