इनमें से किसने अपनी रिपोर्ट में 'शिक्षा के चार स्तंभों' की बात की है?
विस्तृत व्याख्या एवं समाधान
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
शिक्षा के चार स्तंभों (Four Pillars of Education) का प्रसिद्ध सिद्धांत जैक्स डेलोर (Jacques Delors) की अध्यक्षता में वर्ष 1996 में यूनेस्को (UNESCO) के लिए प्रस्तुत की गई रिपोर्ट 'लर्निंग: द ट्रेज़र विदइन' (Learning: The Treasure Within) में प्रतिपादित किया गया था। इस रिपोर्ट ने आधुनिक शिक्षा प्रणाली को एक नई दिशा प्रदान की, जिसमें केवल किताबी ज्ञान या रटने पर जोर न देकर संपूर्ण मानव विकास पर बल दिया गया। डेलोर आयोग के अनुसार, शिक्षा के चार मुख्य स्तंभ हैं: सीखने के लिए जानना (Learning to know), करने के लिए सीखना (Learning to do), साथ रहने के लिए सीखना (Learning to live together), और होने के लिए सीखना (Learning to be)। ये चारों स्तंभ मिलकर एक व्यक्ति को व्यक्तिगत, सामाजिक, पेशेवर और नैतिक रूप से सक्षम बनाते हैं। विकल्प 'd' इस प्रश्न का बिल्कुल सही उत्तर है क्योंकि डेलोर आयोग ने ही इस सार्वभौमिक अवधारणा को वैश्विक शिक्षा मंच पर मजबूती से रखा था।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- जैक्स डेलोर आयोग (1996): यूनेस्को द्वारा गठित अंतरराष्ट्रीय आयोग जिसके प्रमुख जैक्स डेलोर थे।
- चार प्रमुख स्तंभ: 1. Learning to know (ज्ञान प्राप्त करना), 2. Learning to do (कौशल सीखना), 3. Learning to live together (सह-अस्तित्व और भाईचारा), 4. Learning to be (आत्म-विकास और व्यक्तित्व)।
- अन्य विकल्पों का विश्लेषण: मोंटेसरी (Montessori) ने बाल-केंद्रित ज्ञानेंद्रियों पर आधारित शिक्षा पद्धति दी; गांधीजी ने बुनियादी तालीम (वर्धा योजना) और हस्तकला आधारित शिक्षा पर जोर दिया; रूसो ने प्रकृतिवादी शिक्षा (Naturalism) का समर्थन अपनी पुस्तक 'एमिल' में किया था।
- शिक्षणशास्त्र में महत्व: यह अवधारणा समावेशी और समग्र शिक्षा (Holistic Education) के उद्देश्यों को पूरा करने में सहायक है।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: यूनेस्को की शिक्षा रिपोर्ट और आधुनिक शैक्षणिक सुधारों के अंतर्गत यह सिद्धांत संपूर्ण मानव विकास की रूपरेखा तैयार करता है। अधिक जानकारी के लिए समावेशी शिक्षा और पाठ्यक्रम विकास के सिद्धांतों का अध्ययन करें।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (जैसे CTET, UPTET, KVS, DSSSB) में शैक्षिक समितियों, आयोगों और उनके प्रमुख योगदानों से संबंधित प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं। जैक्स डेलोर की रिपोर्ट 'लर्निंग: द ट्रेज़र विदइन' से जुड़े इन चार स्तंभों का उद्देश्य विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक विकास के साथ-साथ भावनात्मक और सामाजिक कौशल का संतुलन स्थापित करना है। 'सीखने के लिए जानना' ज्ञान की क्षुधा शांत करता है, 'करने के लिए सीखना' व्यावसायिक दक्षता प्रदान करता है, 'साथ रहने के लिए सीखना' सामाजिक सद्भाव सिखाता है, और 'होने के लिए सीखना' आत्मानुभूति तथा नैतिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है। शिक्षकों को अपनी कक्षा में इन चारों आयामों को समाहित करते हुए बाल-केंद्रित वातावरण का निर्माण करना चाहिए ताकि भविष्य की चुनौतियों से निपटने में विद्यार्थी सक्षम बन सकें।