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संज्ञानात्मक विकास
Asked 4 सप्ताह पहले · Viewed 3,724 times
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एडवर्ड टॉलमैन (Edward Tolman) के 'चिह्न अधिगम सिद्धांत' (Sign Learning Theory or Purposive Behaviorism) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map)—जिसे उस मानसिक स्थानिक प्रतिनिधित्व (Mental Spatial Representation) के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से शिक्षार्थी अपने भौतिक या वैचारिक पर्यावरण के लेआउट, मार्गों, लक्ष्यों और वैकल्पिक रास्तों का एक आंतरिक ढांचा या नक्शा अपने मस्तिष्क में निर्मित करता है, न कि केवल यांत्रिक उत्तेजना-अनुक्रिया (S-R) बंधनों के आधार पर सीखता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्थानिक चिंतन, समग्र अधिगम (Holistic Learning) और लचीली समस्या-समाधान क्षमताओं के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

विस्तृत व्याख्या एवं समाधान

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के बाल विकास और शिक्षाशास्त्र के दृष्टिकोण से एडवर्ड टॉलमैन का 'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map) सिद्धांत यह सिद्ध करता है कि प्राणी (या विद्यार्थी) केवल यांत्रिक S-R (उद्दीपक-अनुक्रिया) बंधनों के माध्यम से नहीं सीखते, बल्कि वे अपने पर्यावरण का एक मानसिक और स्थानिक प्रतिनिधित्व (Mental Representation) अपने मस्तिष्क में तैयार करते हैं। यह संप्रत्यय कक्षा-कक्षीय शिक्षण में इस बात को रेखांकित करता है कि अधिगम उद्देश्यपूर्ण (Purposive) होता है और छात्र मार्ग की बाधाओं के बावजूद वैकल्पिक व लचीले तरीकों से समस्याओं का समाधान खोजने में सक्षम होते हैं। अतः विकल्प (c) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य कथन है।
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