BaalVikas
Menu
रचनावाद एवं अन्य अधिगम सिद्धांत
Asked 4 सप्ताह पहले · Viewed 2,751 times
हिन्दी English

डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अग्रिम संगठन या एडवांस ऑर्गेनाइज़र' (Advance Organizer)—जिसे उस pedagogical उपकरण के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसे मुख्य विषयवस्तु या नवीन पाठ को पढ़ाने से ठीक पहले एक परिचयात्मक, उच्च-स्तरीय और समावेशी रूपरेखा (framework) के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, ताकि यह शिक्षार्थियों के मस्तिष्क में पहले से मौजूद प्रासंगिक ज्ञान (Cognitive Structure) के साथ नए आने वाले डेटा को 'सबज्यूम' (Subsume / आत्मसात) करने में एक वैचारिक सेतु का कार्य कर सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पूर्व-ज्ञान के सक्रियीकरण (Activation of Prior Knowledge), संज्ञानात्मक समावेश और सार्थक ज्ञान-संरचना के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

विस्तृत व्याख्या एवं समाधान

📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:

डेविड औसुबेल (David Ausubel) का 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित है कि किस प्रकार नया ज्ञान शिक्षार्थी की पहले से मौजूद संज्ञानात्मक संरचना (Cognitive Structure) में व्यवस्थित रूप से जुड़ता है। इस सिद्धांत का सबसे केंद्रीय उपकरण 'अग्रिम संगठन' (Advance Organizer) है। यह एक परिचयात्मक, उच्च-स्तरीय और अमूर्त रूपरेखा (framework) होती है जिसे मुख्य विषयवस्तु को पढ़ाने से ठीक पहले प्रस्तुत किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षार्थियों के मस्तिष्क में पहले से मौजूद प्रासंगिक ज्ञान को सक्रिय करना और नए आने वाले ज्ञान के लिए एक वैचारिक सेतु (Conceptual Bridge) का निर्माण करना है। जब शिक्षार्थी नवीन सूचना को अपने पूर्व-ज्ञान के अंतर्गत आत्मसात करते हैं, तो इसे औसुबेल ने 'सबजम्पशन' (Subsumption / समावेशन) कहा है। अतः विकल्प (b) इस मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया का सबसे सटीक और वैज्ञानिक वर्णन करता है।

📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:

  • सार्थक अधिगम (Meaningful Learning): इसमें शिक्षार्थी नए ज्ञान को अपने पूर्व-ज्ञान के साथ जोड़कर समझता है, न कि रटकर याद करता है।
  • सबजम्पशन (Subsumption): वह प्रक्रिया जिसके द्वारा नई जानकारी शिक्षार्थी की मौजूदा संज्ञानात्मक संरचना के अधीन या अंतर्गत समाहित हो जाती है।
  • विकल्प (a) का खंडन: अग्रिम संगठन रटन विद्या (Rote Memorization) को बढ़ावा नहीं देते, बल्कि यह तार्किक और सार्थक समझ को सुदृढ़ बनाते हैं।
  • विकल्प (c) और (d) का खंडन: यह किसी विशिष्ट आयु वर्ग तक सीमित नहीं हैं और न ही इनका संबंध व्यवहारवादी पुनर्बलन अनुसूचियों से है, क्योंकि औसुबेल एक संज्ञानवादी (Cognitivist) मनोवैज्ञानिक थे।

📖 सैद्धांतिक संदर्भ: डेविड औसुबेल का यह सिद्धांत संज्ञानात्मक मनोविज्ञान के अंतर्गत आता है जो सूचना प्रक्रमण (Information Processing) और पूर्व-ज्ञान के महत्व को रेखांकित करता है। अधिक जानकारी के लिए संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत और सार्थक अधिगम के अध्यायों का अध्ययन करें।

🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔

गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:

शिक्षक भर्ती परीक्षाओं जैसे CTET, UPTET और राज्य स्तरीय TET परीक्षाओं में डेविड औसुबेल के सिद्धांतों से अक्सर 'Advance Organizer' और 'Subsumption Theory' पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। परीक्षार्थियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि औसुबेल ने अनुदेशनात्मक सामग्री (Instructional Material) के संगठन पर सबसे अधिक बल दिया। जब एक शिक्षक कक्षा में पाठ शुरू करने से पहले एक माइंड-मैप, चार्ट या सारांश प्रस्तुत करता है, तो वह वास्तव में एक 'Advance Organizer' का उपयोग कर रहा होता है। यह तकनीक विद्यार्थियों के कार्यशील स्मृति (Working Memory) पर पड़ने वाले cognitive load को कम करती है और दीर्घकालिक स्मृति (Long-term Memory) में ज्ञान के सुदृढ़ीकरण को बढ़ावा देती है।

Share:
अगला प्रश्न → डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Theory of… ← पिछला प्रश्न कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी अधिगम सिद्धांत'…

संबंधित प्रश्न

→ समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य क्या है? → 'बुद्धि के त्रि-आयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी.… → समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (Children with Special Needs)… → कक्षा में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) का प्रमुख दर्शन क्या है? → कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी अधिगम सिद्धांत' (Humanistic Theory of Learning) के अंतर्गत… → डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'अर्थपूर्ण मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Theory of Meaningful Verbal Learning) के… → सत्रहवीं शताब्दी में भारत आने वाली विभिन्न यूरोपीय वाणिज्यिक कंपनियों और उनके द्वारा स्थापित व्यापारिक… → सत्रहवीं शताब्दी के दौरान भारत में यूरोपीय वाणिज्यिक कंपनियों के आगमन, उनकी व्यापारिक नीतियों और बस्तियों की…
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.