BaalVikas
Menu
थॉर्नडाइक: प्रयास एवं त्रुटि
Asked 4 सप्ताह पहले · Viewed 3,728 times
हिन्दी English

एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) के 'संबंधवाद या प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'प्रभाव का नियम' (Law of Effect)—जिसे उस मनोवैज्ञानिक नियम के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अनुसार किसी उद्दीपक (Stimulus) और अनुक्रिया (Response) के बीच का संबंध उन परिणामों से मजबूत या कमजोर होता है जो उस अनुक्रिया के तुरंत बाद उत्पन्न होते हैं; यदि अनुक्रिया के परिणाम संतोषजनक, सुखद या लाभप्रद होते हैं, तो वह बंधन दृढ़ हो जाता है, और यदि परिणाम असंतोषजनक या कष्टप्रद होते हैं, तो वह बंधन कमजोर हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्थायी अधिगम, आदतों के निर्माण और सकारात्मक सुदृढ़ीकरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

विस्तृत व्याख्या एवं समाधान

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के बाल विकास और शिक्षाशास्त्र के दृष्टिकोण से एडवर्ड थॉर्नडाइक का 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) अधिगम के सबसे महत्वपूर्ण नियमों में से एक है। थॉर्नडाइक के अनुसार, जिन कार्यों या अनुक्रियाओं से संतोषजनक परिणाम मिलते हैं, वे मस्तिष्क में स्थायी रूप से अंकित हो जाते हैं (S-R बॉन्ड मजबूत होता है), जबकि असंतोषजनक परिणाम वाले व्यवहार विलुप्त हो जाते हैं। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में यह नियम इस बात को सुनिश्चित करता है कि शिक्षक विद्यार्थियों के सही प्रयासों को प्रशंसा, सफलता और संतोषजनक फीडबैक द्वारा सुदृढ़ करें, जिससे उनकी सीखने की गति और प्रेरणा में सकारात्मक वृद्धि हो सके। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य कथन है।
Share:
अगला प्रश्न → एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and… ← पिछला प्रश्न थार्नडाइक के अधिगम के सिद्धांत में 'तत्परता का नियम' किससे…

संबंधित प्रश्न

Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.