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बाल अधिकार (UNCRC)
Asked एक महीने पहले · Viewed 2,683 times
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बाल अधिकारों और बच्चों के संरक्षण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भारत के संविधान का अनुच्छेद 21-A (86वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 2002) 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा को एक मौलिक अधिकार बनाता है।
  2. 2. 'किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015' (Juvenile Justice Act) के अनुसार, किसी भी परिस्थिति में विधि का उल्लंघन करने वाले 16 से 18 वर्ष की आयु के किशोर को गंभीर जघन्य अपराधों के मामले में वयस्क की तरह विचारित (Trial) नहीं किया जा सकता है।
  3. 3. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) का गठन 'बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005' के तहत किया गया है, जिसका मुख्य कार्य देश में बाल अधिकारों की सुरक्षा और उनके हनन से संबंधित शिकायतों की जाँच करना है।
  4. 4. यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO Act) बाल यौन शोषण के मामलों में कड़े दंड का प्रावधान करता है और इस कानून के तहत पीड़ित बच्चे की पहचान को गोपनीय रखना कानूनी रूप से अनिवार्य है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

विस्तृत व्याख्या एवं समाधान

कथन 1 सही है क्योंकि संविधान के 86वें संशोधन, 2002 द्वारा अनुच्छेद 21-A जोड़ा गया, जो 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाता है। कथन 2 गलत है क्योंकि 2015 के संशोधन के बाद, जघन्य (Heinous) अपराधों के मामले में किशोर न्याय बोर्ड (JJ Board) द्वारा आकलन किए जाने पर 16 से 18 वर्ष के किशोरों पर वयस्क की तरह मुकदमा चलाया जा सकता है। कथन 3 सही है, NCPCR की स्थापना बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 के अंतर्गत हुई थी। कथन 4 सही है, POCSO अधिनियम, 2012 बच्चों के यौन उत्पीड़न के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है और इसमें पीड़ित की पहचान गुप्त रखना अनिवार्य किया गया है। अतः सही विकल्प (a) है।
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