BaalVikas
Menu
बाल-केंद्रित एवं सक्रिय शिक्षण
Asked 2 महीने पहले · Viewed 3,516 times
हिन्दी English

प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के प्रणेता जॉन डीवी (John Dewey) के 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत और अनुभवजन्य शिक्षा (Experiential Education) के मॉडल का गहन शिक्षण-शास्त्रीय विश्लेषण करने पर, पारंपरिक शिक्षा प्रणाली और प्रगतिशील शिक्षा के मध्य पाए जाने वाले तात्विक एवं कक्षा-कक्षीय अंतरों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?

विस्तृत व्याख्या एवं समाधान

📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:

प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के प्रणेता जॉन डीवी (John Dewey) ने 'करके सीखना' (Learning by Doing) और अनुभवजन्य शिक्षा पर विशेष बल दिया है। पारंपरिक शिक्षा प्रणाली (Traditional Education) शिक्षक-केंद्रित होती है जहाँ रटने की प्रवृत्ति और निष्क्रिय अधिगम को बढ़ावा दिया जाता है, जबकि प्रगतिशील शिक्षा बाल-केंद्रित (Child-centered) होती है। इसमें छात्र सक्रिय रूप से भाग लेते हैं, अपनी समस्याओं का समाधान स्वयं खोजते हैं और व्यावहारिक अनुभवों के माध्यम से ज्ञान का निर्माण करते हैं। विकल्प (ए) इस तात्विक अंतर को पूरी तरह से सटीक और वैज्ञानिक रूप से स्पष्ट करता है, क्योंकि प्रगतिशील कक्षाएं लोकतांत्रिक होती हैं और आलोचनात्मक चिंतन को बढ़ावा देती हैं।

📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:

  • प्रगतिशील शिक्षा जॉन डीवी की प्रयोगशाला स्कूल (Laboratory School) की अवधारणा पर आधारित है।
  • विकल्प (बी) गलत है क्योंकि मानकीकृत परीक्षण और कठोर अनुशासन पारंपरिक शिक्षा की विशेषता है, न कि प्रगतिशील शिक्षा की।
  • विकल्प (सी) गलत है क्योंकि जॉन डीवी विद्यालय को 'समाज का लघु रूप' (Microcosm of Society) मानते थे, न कि समाज से पृथक कृत्रिम वातावरण।
  • विकल्प (डी) गलत है क्योंकि प्रगतिशील शिक्षा ज्ञान को गतिशील मानती है, जिसे छात्र अपने सामाजिक अनुभवों द्वारा निर्मित करते हैं, न कि केवल शिक्षक द्वारा स्थानांतरित वस्तु।

📖 सैद्धांतिक संदर्भ: बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र में प्रगतिशील शिक्षा जॉन डीवी के दर्शन पर आधारित है, जो अनुभवात्मक अधिगम और लोकतांत्रिक कक्षा-कक्ष प्रबंधन की वकालत करता है। अधिक जानकारी के लिए प्रगतिशील शिक्षा और जॉन डीवी के सिद्धांतों का अध्ययन करें।

🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔

गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:

सीटीईटी (CTET) और अन्य शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में जॉन डीवी, प्रगतिशील शिक्षा और बाल-केंद्रित शिक्षण से संबंधित प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं। परीक्षार्थियों को यह समझना आवश्यक है कि पारंपरिक और आधुनिक प्रगतिशील शिक्षा के बीच मुख्य अंतर ज्ञान प्राप्ति के स्रोत और छात्र की भूमिका का होता है। पारंपरिक कक्षा में शिक्षक सर्वेसर्वा होता है, जबकि प्रगतिशील कक्षा में शिक्षक एक 'सुगमकर्ता' (Facilitator) की भूमिका निभाता है। प्रश्न पत्र हल करते समय हमेशा छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण और व्यावहारिक ज्ञान निर्माण से जुड़े विकल्पों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

Share:
अगला प्रश्न → प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के प्रणेता जॉन डीवी के 'अनुभवात्मक… ← पिछला प्रश्न बाल केंद्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा (Child-Centric and…

संबंधित प्रश्न

→ बालक के सामाजिक विकास को प्रभावित करने वाला मुख्य कारक कौन सा है? → हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत… → मानव विकास के अध्ययन में 'वंशानुक्रम' (Heredity) और 'वातावरण' (Environment) की अंतःक्रिया के संदर्भ में… → एरिक्सन (Erik Erikson) के 'मनोसामाजिक विकास के सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory) के अंतर्गत… → प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के मूल दर्शन और जॉन डीवी के 'अनुभवात्मक अधिगम' के सिद्धांतों का गहन… → प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के संदर्भ में, जॉन डीवी द्वारा प्रतिपादित 'समस्या समाधान विधि'… → प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) द्वारा प्रतिपादित 'लर्निंग बाय… → प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) द्वारा प्रतिपादित 'लर्निंग बाय…
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.