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बाल-केंद्रित एवं सक्रिय शिक्षण
Asked 2 महीने पहले · Viewed 2,905 times
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जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Progressive Education and Experiential Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'करके सीखना या लर्निंग बाय डूइंग' (Learning by Doing)—जिसे उस व्यावहारिक और सक्रिय शैक्षणिक पद्धति के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी केवल निष्क्रिय श्रोता या पुस्तकों के पाठक न बनकर वास्तविक जीवन की परिस्थितियों, प्रयोगों, सामाजिक परियोजनाओं और हस्त-परक गतिविधियों (Hands-on Activities) में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेकर अपने ज्ञान का स्वयंसिद्ध निर्माण करते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के व्यावहारिक कौशल, लोकतांत्रिक मूल्यों और समस्या-समाधान क्षमताओं के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

विस्तृत व्याख्या एवं समाधान

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के पाठ्यक्रम के अनुसार, जॉन डीवी का 'करके सीखना' (Learning by Doing) प्रगतिशील शिक्षा का आधार स्तंभ है। इसके अनुसार, बच्चे अपने अनुभवों से सीखते हैं और जब वे व्यावहारिक गतिविधियों, प्रयोगों और समस्याओं के समाधान में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं, तो उनका अधिगम अधिक स्थायी, सार्थक और जीवनोपयोगी होता है। इसलिए विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है।
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