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संज्ञानात्मक विकास
Asked 2 महीने पहले · Viewed 3,165 times
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डेविड कोल्ब (David Kolb) के 'प्रयोगात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'मूर्त अनुभव से सक्रिय प्रयोग तक की प्रक्रिया' (Process from Concrete Experience to Active Experimentation)—जिसे उस समग्र चार-चरणीय संज्ञानात्मक अधिगम चक्र के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ शिक्षार्थी पहले प्रत्यक्ष व मूर्त अनुभव (Concrete Experience) प्राप्त करता है, फिर उसका अवलोकन और चिंतन (Reflective Observation) करता है, तत्पश्चात अमूर्त अवधारणाओं और सामान्यीकरणों का निर्माण करता है (Abstract Conceptualization), और अंत में नए ज्ञान का परीक्षण करने के लिए सक्रिय प्रयोग (Active Experimentation) करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुभवात्मक बोध, चक्रीय अधिगम और व्यावहारिक अनुप्रयोग के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

विस्तृत व्याख्या एवं समाधान

डेविड कोल्ब का 'प्रयोगात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) यह रेखांकित करता है कि सीखना केवल सैद्धांतिक जानकारी प्राप्त करना नहीं है, बल्कि यह एक चक्रीय प्रक्रिया है जो मूर्त अनुभव (Concrete Experience), चिंतनशील अवलोकन (Reflective Observation), अमूर्त संकल्पना (Abstract Conceptualization) और सक्रिय प्रयोग (Active Experimentation) से होकर गुजरती है। विकल्प 'b' इस सिद्धांत के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ का सबसे सटीक वर्णन करता है।
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