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विकास के सिद्धांत (Principles)
Asked 2 महीने पहले · Viewed 4,184 times
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बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों के अंतर्गत 'विकास की दिशा का सिद्धांत' (Principle of Direction of Development) मानव विकास की प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए किन दो मुख्य प्रवृत्तियों यानी 'मस्तकाधोमुखी' (Cephalocaudal) और 'निकट-दूर' (Proximodistal) प्रवृत्तियों को किस प्रकार परिभाषित करता है?

विस्तृत व्याख्या एवं समाधान

बाल विकास के सिद्धांतों में 'विकास की दिशा का सिद्धांत' अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके अंतर्गत दो प्रमुख दिशात्मक प्रवृत्तियाँ पाई जाती हैं: पहली है 'मस्तकाधोमुखी' (Cephalocaudal sequence), जिसके अनुसार शारीरिक और गत्यात्मक विकास हमेशा सिर से शुरू होकर पैरों की तरफ (ऊपर से नीचे) बढ़ता है। यही कारण है कि बच्चा पहले अपने सिर पर नियंत्रण करना सीखता है और बाद में पैरों का उपयोग करना। दूसरी प्रवृत्ति 'निकट-दूर' (Proximodistal sequence) है, जिसके अनुसार विकास शरीर के केंद्रीय भाग (रीढ़ की हड्डी या धड़) से शुरू होकर बाहर की ओर यानी हाथों, उंगलियों और पैरों के छोरों की तरफ अग्रसर होता है। इस विषय के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।

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