बिहार सरकार द्वारा नागरिकों को घर बैठे डिजिटल सेवाएँ उपलब्ध कराने और शासन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए शुरू किए गए प्रमुख पोर्टलों और मोबाइल ऐप्स के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बिहार में भूमि विवादों को कम करने और जमीनी अभिलेखों के डिजिटलीकरण के लिए 'बिहार भूमि पोर्टल' पर 'डिजिटल भू-मानचित्र' (Digital Cadastral Map) और ऑनलाइन म्यूटेशन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
- 2. शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रशासनिक पारदर्शिता और विद्यालयों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए 'ई-शिक्षाकोष' (E-Shikshakosh) पोर्टल और मोबाइल ऐप की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से शिक्षकों और विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति दर्ज की जाती है।
- 3. राज्य में श्रम संसाधन विभाग द्वारा संचालित 'बिहार कौशल विकास मिशन' और रोजगार पंजीकरण के लिए 'बिहार करियर पोर्टल' के अतिरिक्त, पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 'ई-ग्राम स्वराज' पोर्टल का उपयोग किया जाता है।
- 4. खाद्य और उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जन वितरण प्रणाली (PDS) के अनाजों के वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए 'दिशा' (DISHA) मोबाइल ऐप का उपयोग किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
विस्तृत व्याख्या एवं समाधान
बिहार सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण पोर्टल और मोबाइल ऐप लॉन्च किए हैं। कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। 'बिहार भूमि पोर्टल' के माध्यम से जमीन के कागजात, रसीद और नक्शे ऑनलाइन मिलते हैं, जबकि 'ई-शिक्षाकोष' पोर्टल का उपयोग शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की ऑनलाइन ट्रैकिंग के लिए किया जाता है। इसी प्रकार 'ई-ग्राम स्वराज' पंचायती राज के कार्यों और लेखा-जोखा के लिए है। हालांकि, कथन 4 आंशिक रूप से गलत है क्योंकि PDS निगरानी के लिए 'विद्युत वितरण या खाद्य आपूर्ति' से जुड़े अन्य विशेष पोर्टल/ऐप जैसे 'बिहार ई-पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम' का प्रयोग होता है। इस तरह के महत्वपूर्ण टॉपिक्स की पूरी तैयारी के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।