संज्ञानात्मक विकास
Asked 3 महीने पहले · Viewed 1,192 times
पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण में 'समस्या समाधान विधि' (Problem-Solving Method) का प्रयोग करते समय निम्नलिखित में से किस चरण को वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तार्किक चिंतन के विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
विस्तृत व्याख्या एवं समाधान
पर्यावरण अध्ययन (EVS) शिक्षण में 'समस्या समाधान विधि' एक छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण है जो शिक्षार्थियों में वैज्ञानिक स्वभाव और आलोचनात्मक सोच विकसित करती है। इस विधि का सबसे पहला और महत्वपूर्ण चरण 'समस्या की पहचान करना और उसे स्पष्ट रूप से परिभाषित करना' है, क्योंकि जब तक छात्र समस्या को ठीक से नहीं समझेंगे, वे न तो उचित परिकल्पनाओं (Hypotheses) का निर्माण कर पाएंगे और न ही सही डेटा एकत्र करके किसी तार्किक निष्कर्ष पर पहुंच पाएंगे। अन्य विकल्प रटने की प्रवृत्ति या निष्क्रिय अधिगम को बढ़ावा देते हैं, जो EVS शिक्षाशास्त्र के विपरीत हैं।
अगला प्रश्न →
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित में से…
← पिछला प्रश्न
पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण में 'समस्या समाधान विधि'…
संबंधित प्रश्न
→
सामाजिक अध्ययन (Social Studies) शिक्षण के अंतर्गत इतिहास शिक्षण की 'आलोचनात्मक चिंतन' (Critical Thinking)…
→
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory…
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, वह कौन सी अवस्था है जिसमें बालक…
→
पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण में 'समस्या समाधान विधि' (Problem-Solving Method) का प्रयोग करते समय…
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत…
→
ब्रूनेर (Jerome Bruner) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development)…
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.